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Hantavirus: 42 साल पहले आया था हंता वायरस का पहला मामला, क्या हैं इसके लक्षण और बचाव के तरीके
Hantavirus: 42 साल पहले आया था हंता वायरस का पहला मामला, क्या हैं इसके लक्षण और बचाव के तरीके
सार
- हंता वायरस मुख्य रूप से चूहों द्वारा फैलता है
- हंता वायरस की करीब 21 से अधिक प्रजातियां मौजूद हैं
- चूहे के काटने से भी हंता वायरस फैल सकता है
- हंता वायरस में मृत्युदर 38 फीसदी होती है
विस्तार
पूरा विश्व जहां एक तरफ कोरोना वायरस जैसी महामारी की चपेट में है वहीं एक और वायरस ने चीन में दस्तक दे दी है। इस वायरस का नाम है हंता वायरस (Hantavirus)। चीन में हंता वायरस की वजह से 23 मार्च को एक शख्स की मौत की होने की खबर है। #HantaVirus टॉप ट्रेंड में बना हुआ है। इस ट्रेंडिंग को देखते हुए ये जरूर कहा जा सकता है कि इस वायरस की वजह से लोगों में एक नए डर ने जन्म ले लिया है।कैसे फैलता है वायरस
संयुक्त राज्य रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र की वेबसाइट के मुताबिक हंता वायरस मुख्य रूप से चूहों द्वारा फैलता है। यह वायरस दुनिया भर के लोगों में विभिन्न रोगों को पैदा करने की क्षमता रखता है। CDC के मुताबिक यह वायरस एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। अमेरिका में हंता वायरस को "न्यू वर्ल्ड" कहा जाता है और इससे Hantavirus Pulmonary Syndrome हो सकता है। इस वायरस का एक और प्रकार है "ओल्ड वर्ल्ड" जो ज्यादातर यूरोप और एशिया में पाया जाता है।
Hantavirus: 42 साल पहले आया था हंता वायरस का पहला मामला, क्या हैं इसके लक्षण और बचाव के तरीके
Reviewed by Chhattisgarh News Bureau - CNB.
on
March 24, 2020
Rating: 5
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March 24, 2020
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